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कल्याणी प्रियदर्शन के बयान से छिड़ी बहस

दक्षिण भारतीय सिनेमा की उभरती हुई सुपरस्टार कल्याणी प्रियदर्शन के एक हालिया बयान ने भारतीय फिल्म उद्योग में श्रम अधिकारों और काम की संस्कृति (work culture) को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपनी चमक बिखेरने के बाद, कल्याणी ने मलयालम फिल्म उद्योग में “16 घंटे की शिफ्ट” और बॉलीवुड में “8 घंटे की शिफ्ट” की मांग के बीच के अंतर पर बेबाकी से अपनी राय रखी है।

कल्याणी, जो इन दिनों अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म लोका चैप्टर 1: चंद्रा की ऐतिहासिक सफलता का आनंद ले रही हैं, ने बताया कि क्षेत्रीय सिनेमा में काम करने की स्थितियां अक्सर काफी कठिन होती हैं।

“16 घंटे और रविवार की छुट्टी नहीं”

हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान, कल्याणी ने मलयालम फिल्म उद्योग के काम करने के तरीके पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केरल में शूटिंग का मतलब अक्सर सुबह 6:00 बजे से रात 9:30 बजे तक की शिफ्ट होती है, जिसमें रविवार को भी छुट्टी नहीं मिलती। यह बयान उस समय आया है जब बॉलीवुड में दीपिका पादुकोण जैसी अभिनेत्रियों ने काम के घंटों को सीमित करने और कामकाजी माताओं के लिए 8 घंटे की शिफ्ट की वकालत की है। कल्याणी ने कहा, “मलयालम फिल्म उद्योग में हम केवल फिल्में नहीं बनाते, बल्कि हम 16-16 घंटों तक सेट पर ही रहते हैं। हालांकि फिल्म निर्माण एक अनिश्चित प्रक्रिया है और इसमें समय की पाबंदी कठिन है, लेकिन तकनीशियनों और क्रू मेंबर्स पर पड़ने वाला मानसिक और शारीरिक दबाव बहुत अधिक है। केरल में अब शिफ्ट को 12 घंटे तक सीमित करने का निर्णय लिया गया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन हम अभी भी बॉलीवुड जैसी कॉरपोरेट संस्कृति से दूर हैं।”

फरवरी 2026 में, केरल के फिल्म कर्मचारी महासंघ (FEFKA) और प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के बीच एक समझौता हुआ, जिसने मानक शिफ्ट को 16 से घटाकर 12 घंटे कर दिया। कल्याणी ने इसे “मजदूरों की गरिमा के लिए एक बड़ा कदम” बताया है।

ऐतिहासिक सफलता: ‘लोका’ का जादू

कल्याणी के इन बयानों को इसलिए भी गंभीरता से लिया जा रहा है क्योंकि वे वर्तमान में मलयालम सिनेमा की सबसे सफल अभिनेत्री बन चुकी हैं। उनकी फिल्म लोका चैप्टर 1: चंद्रा ने वैश्विक स्तर पर 300 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह किसी भी मलयालम फिल्म के लिए अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस फिल्म में कल्याणी ने भारत की पहली महिला सुपरहीरो ‘चंद्रा’ की भूमिका निभाई है।

कान्स 2026 में सादगी का जादू

एक तरफ जहां देश में काम की संस्कृति पर बहस चल रही थी, वहीं दूसरी ओर कल्याणी ने 79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपनी सादगी से सबका दिल जीत लिया। 13 मई को ‘इंडिया पवेलियन’ में उन्होंने सफेद रंग का एक शानदार ‘मोनोक्रोम’ परिधान पहना था। उनके इस “मिनिमलिस्टिक” लुक की फैशन विशेषज्ञों ने जमकर सराहना की। भारी-भरकम गाउन के बजाय सादे और सुरुचिपूर्ण कपड़ों के चुनाव ने कल्याणी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दी है।

बॉलीवुड में कदम: रणवीर सिंह के साथ ‘प्रलय’

कल्याणी के बॉलीवुड के प्रति नजरिए पर इसलिए भी चर्चा हो रही है क्योंकि वे जल्द ही हिंदी सिनेमा में डेब्यू करने वाली हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे जय मेहता (हंसल मेहता के बेटे) द्वारा निर्देशित फिल्म प्रलय में रणवीर सिंह के साथ मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। यह एक ‘जॉम्बी थ्रिलर’ फिल्म है, जिसकी शूटिंग जुलाई 2026 से शुरू होने वाली है। रणवीर सिंह की पिछली फिल्म धुरंधर की ₹800 करोड़ की सफलता के बाद, इस नई जोड़ी को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह है।

बदलता भारतीय सिनेमा

दशकों से भारतीय सिनेमा में काम के घंटों का कोई निश्चित पैमाना नहीं था। बॉलीवुड ने धीरे-धीरे कॉरपोरेट ढांचे को अपनाया है, लेकिन क्षेत्रीय उद्योगों में आज भी कम समय और कम बजट में फिल्में पूरी करने का दबाव रहता है। कल्याणी प्रियदर्शन ने इस वास्तविकता को सामने लाकर न केवल कलाकारों, बल्कि उन हजारों तकनीशियनों के हक में आवाज उठाई है जो पर्दे के पीछे बिना थके घंटों काम करते हैं। अब देखना यह होगा कि क्या कल्याणी का यह “एक सवाल” दक्षिण भारतीय सिनेमा में काम की स्थितियों में स्थायी सुधार ला पाता है, या यह बहस केवल सुर्खियों तक ही सीमित रहेगी।

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