एतिहाद एयरवेज़ का अमेरिका में विस्तार

संयुक्त अरब अमीरात की राष्ट्रीय एयरलाइन एतिहाद एयरवेज़ ने 2026 में वैश्विक विमानन जगत में एक के बाद एक ऐतिहासिक घोषणाएं करते हुए यह साबित कर दिया है कि वह अब दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रीमियम एयरलाइनों में से एक बन चुकी है। अमेरिका में रूट विस्तार, रिकॉर्ड तोड़ मुनाफा, अफ्रीका में नई उड़ानें, लॉयल्टी प्रोग्राम में बड़े बदलाव और थाईलैंड में A380 की एंट्री — एतिहाद का यह विस्तार किसी बड़े तूफान से कम नहीं है।
शिकागो रूट हुआ डबल डेली, शार्लट सेवा भी रोज़ाना
अमेरिकी बाज़ार में बढ़ती मांग को देखते हुए एतिहाद एयरवेज़ ने जून 2026 के मध्य से अपने अबू धाबी–शिकागो रूट को डबल डेली करने का ऐलान किया है। यानी अब इस रूट पर रोज़ाना दो उड़ानें संचालित होंगी, जो यात्रियों को कहीं अधिक लचीलापन और सुविधा देंगी।
इसके साथ ही एयरलाइन की नई अबू धाबी–शार्लट सेवा को भी अब रोज़ाना कर दिया गया है। शार्लट, नॉर्थ कैरोलाइना का यह हब अमेरिका के दक्षिण-पूर्वी कारोबारी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है। एतिहाद का यह कदम बताता है कि एयरलाइन अमेरिका के उन शहरों तक पहुंचना चाहती है जहां अन्य खाड़ी देशों की एयरलाइनें अभी तक नहीं पहुंची हैं।
इस विस्तार से अबू धाबी और अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी और मज़बूत होगी, जिससे व्यापारिक और अवकाश — दोनों तरह के यात्रियों को फायदा होगा।
इतिहास का सबसे बड़ा मुनाफा — चौथा लगातार फायदेमंद साल
एतिहाद एयरवेज़ ने 2025 में AED 2.6 बिलियन यानी लगभग $698 मिलियन का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया — जो एयरलाइन के पूरे इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक लाभ है। और यह कोई एकबारगी सफलता नहीं है — एतिहाद अब लगातार चौथे साल मुनाफे में है।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि कुछ साल पहले तक एतिहाद को घाटे में चल रही एयरलाइन माना जाता था। लेकिन एयरलाइन के प्रबंधन ने रणनीतिक बदलाव, नेटवर्क विस्तार और यात्री लोड फैक्टर में सुधार के ज़रिए इस कायापलट को संभव किया।
उच्च यात्री भार, बढ़ती मांग और तेज़ नेटवर्क विस्तार — ये तीनों मिलकर एतिहाद की इस शानदार वित्तीय यात्रा के मुख्य स्तंभ बने हैं। 2026 में भी यही गति जारी है।
अफ्रीका में बड़ी छलांग — कांगो, घाना, नाइजीरिया समेत 5 नए रूट
अप्रैल 2026 में एतिहाद ने अफ्रीका महाद्वीप में अपनी उपस्थिति को नए स्तर पर ले जाते हुए पांच नए देशों — डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, इरिट्रिया, घाना, नाइजीरिया और ज़िम्बाब्वे — के लिए नई उड़ानों की घोषणा की।
ये सभी उड़ानें अबू धाबी हब से संचालित होंगी, जिससे UAE की राजधानी अफ्रीका, एशिया और अमेरिका के बीच एक प्रमुख ट्रांज़िट केंद्र के रूप में और मज़बूत होगी।
अफ्रीका दुनिया का सबसे तेज़ी से बढ़ता हुआ विमानन बाज़ार है और एतिहाद का यह कदम बताता है कि एयरलाइन इस अवसर को भुनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह विस्तार उन लाखों यात्रियों के लिए नई संभावनाएं खोलेगा जो अफ्रीका और मध्य-पूर्व के बीच यात्रा करते हैं।
एतिहाद गेस्ट लॉयल्टी प्रोग्राम — अब स्टेटस पाना हुआ आसान
एतिहाद ने अपने एतिहाद गेस्ट लॉयल्टी प्रोग्राम में एक बड़ा और यात्री-हितैषी बदलाव किया है। प्रोग्राम के टियर क्वालिफिकेशन की शर्तों में 25% की कटौती की गई है — यानी अब गोल्ड, प्लेटिनम और एमरेल्ड स्तर हासिल करना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है।
इसके साथ ही “प्रोमो सीट” लाभ को भी बेहतर बनाया गया है, जिससे प्रीमियम सदस्यों को अपग्रेड और विशेष सुविधाओं तक पहुंच और आसान हो जाएगी।
यह कदम उन नियमित यात्रियों के लिए बड़ी राहत है जो लंबे समय से उच्च टियर के करीब थे लेकिन शर्तें पूरी नहीं कर पा रहे थे। एतिहाद का यह फैसला दर्शाता है कि एयरलाइन अपने वफादार यात्रियों को पुरस्कृत करने को लेकर गंभीर है।
थाईलैंड में A380 की ऐतिहासिक एंट्री — ‘द रेज़िडेंस’ पहुंचेगा बैंकॉक
एतिहाद की सबसे रोमांचक घोषणाओं में से एक यह है कि अक्टूबर 2026 से एयरलाइन का फ्लैगशिप विमान एयरबस A380 पहली बार बैंकॉक, थाईलैंड के लिए उड़ान भरेगा।
इसके साथ ही ‘द रेज़िडेंस’ — दुनिया का एकमात्र तीन कमरों वाला आकाशीय सुइट — पहली बार थाईलैंड के यात्रियों के लिए उपलब्ध होगा। यह सुइट विमानन जगत का सबसे विलासितापूर्ण अनुभव माना जाता है, जिसमें एक निजी बेडरूम, लिविंग रूम और बाथरूम शामिल हैं।
अबू धाबी–बैंकॉक रूट पहले से ही यात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय है। A380 की तैनाती से इस रूट पर सीटों की क्षमता में भारी इज़ाफा होगा और प्रीमियम यात्रियों के लिए यह रूट और भी आकर्षक बन जाएगा।
एतिहाद के बारे में
एतिहाद एयरवेज़ की स्थापना 2003 में हुई थी और यह संयुक्त अरब अमीरात की राष्ट्रीय एयरलाइन है। अबू धाबी हब से छह महाद्वीपों तक उड़ान भरने वाली यह एयरलाइन अपनी पुरस्कार विजेता सेवा, अत्याधुनिक केबिन उत्पादों और तेज़ी से बढ़ते वैश्विक नेटवर्क के लिए जानी जाती है।




