उत्तराखण्ड

गैरसैंण में दो विधानसभा सत्र आयोजित करना सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक: सीएम धामी

भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के समापन पर मुख्यमंत्री की प्रेस वार्ता, विपक्ष से सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करने की अपील

गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के समापन के बाद प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि गैरसैंण में एक वर्ष में दो विधानसभा सत्रों का आयोजन राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और प्रदेश की जनभावनाओं के सम्मान का प्रतीक है। सरकार गैरसैंण के विकास के साथ पूरे प्रदेश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का महत्वपूर्ण मंच है, जहां जनहित से जुड़े विषयों पर गंभीर और सार्थक चर्चा होनी चाहिए। विपक्ष को विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन विरोध लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए। सदन में हंगामे और कार्यवाही बाधित होने से जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा प्रभावित होती है।

विपक्ष जनहित के मुद्दों पर निभाए रचनात्मक भूमिका

सीएम धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय जनसमस्याओं पर सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन प्रदेश का विकास और जनता का हित सर्वोपरि होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने दृष्टिपत्र के अनुरूप अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। समान नागरिक संहिता लागू करने, सख्त भू-कानून बनाने तथा शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सुधार की दिशा में कदम उठाए गए हैं। सरकार आगे भी प्रदेश की जरूरतों और जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय लेती रहेगी।

राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को किया याद

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश का निर्माण आंदोलनकारियों के लंबे संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। रामपुर तिराहा कांड राज्य के इतिहास की बेहद पीड़ादायक घटना है, जिसे प्रदेशवासी कभी नहीं भूल सकते।

उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उत्तराखंड और राज्य आंदोलन से जुड़े विषयों पर टिप्पणी करते समय प्रदेश की जनभावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के संबंध में की गई राजनीतिक टिप्पणियों पर भी मुख्यमंत्री ने सवाल उठाए और सार्वजनिक जीवन में भाषा की शालीनता बनाए रखने की बात कही।

सुशासन और पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता और सुशासन के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में व्यवस्थागत सुधार किए हैं और जनहित में प्रभावी निर्णय लेने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 7,844.18 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, कृषि और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार सहित विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। सत्र के दौरान अनुपूरक बजट के साथ विभिन्न विधेयक भी पारित किए गए।

पर्वतीय क्षेत्रों के विकास पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना, बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। गैरसैंण सहित पूरे उत्तराखंड का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रदेशवासियों के हितों को ध्यान में रखकर निरंतर कार्य करती रहेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button