खेल

ट्रम्प ने हॉर्मुज की सुरक्षा का जिम्मा सहयोगियों पर डाला

दशकों पुरानी अमेरिकी समुद्री नीति से हटते हुए, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को घोषणा की कि संयुक्त राज्य अमेरिका अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सुरक्षित रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी नहीं उठाएगा। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए, राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि इस महत्वपूर्ण तेल मार्ग को खुला रखने का दायित्व उन देशों पर होना चाहिए जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस पर निर्भर हैं, जिसमें उन्होंने विशेष रूप से फ्रांस और अन्य यूरोपीय सहयोगियों का नाम लिया।

ट्रंप ने सहयोगियों के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “हमारे पास ऐसा करने का कोई कारण नहीं है। जाओ अपना तेल खुद बचाओ।” उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका अब वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के गारंटर के रूप में अपनी भूमिका को एक ‘लेन-देन’ (transactional) के नजरिए से देख रहा है।

बढ़ती लागत और घरेलू प्रभाव

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब एक महीने से चल रहे युद्ध का घरेलू प्रभाव गहराता जा रहा है:

  • ईंधन की कीमतें: मंगलवार को अमेरिका में गैस की कीमतें 2022 के ऊर्जा संकट के बाद पहली बार औसतन $4 प्रति गैलन को पार कर गईं।

  • महंगाई की दूसरी लहर: विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि ईंधन की बढ़ती लागत से किराने के सामान और पैकेजिंग खर्च में भारी उछाल आएगा, जिससे मुद्रास्फीति की एक नई लहर पैदा हो सकती है।

  • शेयर बाजार: हालांकि उपभोक्ताओं पर दबाव है, लेकिन डाउ जोन्स में 1,100 से अधिक अंकों का उछाल देखा गया, जो इस उम्मीद को दर्शाता है कि संघर्ष का जल्द ही समाधान निकल सकता है।

सैन्य परिदृश्य: “काम पूरा करना”

28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष अब एक महत्वपूर्ण चरण में पहुँच गया है। ट्रंप ने अनुमान लगाया कि अमेरिकी सेना “दो या तीन सप्ताह” में ईरान से वापस आ सकती है, क्योंकि सेना वर्तमान में अपना “काम पूरा” कर रही है। उनका मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।

हालांकि, जमीनी हकीकत अस्थिर बनी हुई है:

  • ड्रोन रणनीति: ईरान ने अब बैलिस्टिक मिसाइलों के बजाय सस्ते और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले “स्वार्म” (Swarm) ड्रोन का उपयोग शुरू कर दिया है, जिन्हें रोकना पारंपरिक हवाई रक्षा प्रणालियों के लिए कठिन है।

  • इजरायली स्ट्राइक: इजरायली सेना ने बेरूत क्षेत्र में हिजबुल्लाह के एक वरिष्ठ कमांडर और एक अन्य उच्च पदस्थ नेता को खत्म करने की सूचना दी है।

हताहत और क्षेत्रीय अस्थिरता

फरवरी के अंत से अब तक इस क्षेत्र में 3,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।

  • अमेरिकी सैनिक: सेंटकॉम (CENTCOM) के अनुसार, अब तक 348 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से छह की हालत गंभीर है।

  • सऊदी अरब में तनाव: सऊदी एयरबेस पर ड्रोन हमलों में दो दर्जन अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सऊदी में रह रहे अमेरिकियों के लिए “शेल्टर इन प्लेस” (जहाँ हैं वहीं रहें) की एडवाइजरी जारी की है।

डिप्लोमैटिक गतिरोध और “पुलों” की धमकी

जहाँ ट्रंप अगले कुछ हफ्तों में समझौते की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं राजनयिक रास्ते अभी भी धुंधले हैं।

  • धमकी: ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि बातचीत विफल रही, तो उनके पास बुनियादी ढांचे पर हमलों के लिए “कुछ अच्छे पुल” (nice bridges) ध्यान में हैं, जो सैन्य हमलों से आर्थिक विनाश की ओर बदलाव का संकेत है।

  • पड़ोसी देशों का रुख: सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने स्पष्ट किया कि उनका देश इस युद्ध में पूरी तरह तटस्थ रहेगा।

बढ़ती बयानबाजी और नए मोर्चे

  • डिजिटल युद्ध: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने 18 अमेरिकी टेक फर्मों को वैध लक्ष्य (targets) बताया है, उन पर जासूसी में मदद करने का आरोप लगाया है।

  • अंतरराष्ट्रीय आलोचना: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने लेबनान पर इजरायली आक्रमण की निंदा की है और तत्काल युद्धविराम की मांग की है।

होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन बिंदु है। दुनिया के कुल तेल उपभोग का लगभग पाँचवां हिस्सा प्रतिदिन इस संकीर्ण जलमार्ग से गुजरता है। ऐतिहासिक रूप से, अमेरिकी नौसेना का पाँचवां बेड़ा यहाँ “नेविगेशन की स्वतंत्रता” सुनिश्चित करने वाला प्राथमिक बल रहा है। ट्रंप की टिप्पणियां इस सुरक्षा ढांचे को मौलिक रूप से बदलने का संकेत देती हैं।

राष्ट्र को संबोधन का इंतजार

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति ट्रंप बुधवार रात (अमेरिकी समयानुसार) राष्ट्र को संबोधित करेंगे। दुनिया यह देखने का इंतजार कर रही है कि क्या दो सप्ताह की वापसी की समयसीमा एक वास्तविक सैन्य लक्ष्य है या घरेलू जनता को शांत करने के लिए एक राजनीतिक दांव।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button