उत्तर कोरिया का परमाणु दर्जा अब ‘अपरिवर्तनीय’

सियोल – उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने देश की ‘सुप्रीम पीपुल्स असेंबली’ को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया है कि उनका देश कभी भी अपने परमाणु हथियारों का त्याग नहीं करेगा। मंगलवार को जारी आधिकारिक बयानों के अनुसार, किम ने उत्तर कोरिया के परमाणु संपन्न राष्ट्र के दर्जे को “अपरिवर्तनीय” घोषित कर दिया है।
दक्षिण कोरिया अब ‘सबसे शत्रुतापूर्ण देश’
किम जोंग उन ने घोषणा की है कि उत्तर कोरिया जल्द ही दक्षिण कोरिया को अपना “सबसे शत्रुतापूर्ण राज्य” नामित करेगा। यह घोषणा दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे मायुंग के बिना शर्त बातचीत के बार-बार किए गए प्रयासों के बावजूद आई है। किम ने कड़े शब्दों में कहा, “हम दक्षिण कोरिया को पूरी तरह से खारिज करेंगे और उसकी उपेक्षा करेंगे। हमारी संप्रभुता का उल्लंघन करने वाले किसी भी कृत्य के लिए उसे बिना किसी झिझक के ‘बेरहम’ सजा दी जाएगी।”
अमेरिका पर ‘राज्य आतंकवाद’ का आरोप
ईरान पर हाल के अमेरिकी हमलों का संदर्भ देते हुए, किम ने अमेरिका पर “राज्य आतंकवाद” का आरोप लगाया। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को देखकर प्योंगयांग ने अपने परमाणु कार्यक्रम को और अधिक आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
सैन्य और आर्थिक स्थिति
- रक्षा बजट: किम ने वर्ष 2026 के लिए कुल खर्च का 15.8% रक्षा क्षेत्र के लिए समर्पित किया है।
- मिसाइल तकनीक: उत्तर कोरिया ने हाल ही में नई ‘सॉलिड-फ्यूल’ अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBM) का अनावरण किया है, जिन्हें बहुत कम समय में लॉन्च किया जा सकता है।
- आर्थिक लक्ष्य: किम ने औद्योगिक उत्पादन को 1.5 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, यह दावा करते हुए कि परमाणु हथियारों के साथ भी देश समृद्धि हासिल कर सकता है।
प्योंगयांग का यह रुख ऐसे समय में आया है जब वाशिंगटन इस साल के अंत में किम के साथ एक संभावित शिखर सम्मेलन की उम्मीद कर रहा था। किम के ताजा बयानों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीति की संभावनाओं पर गहरे सवालिया निशान लगा दिए हैं।




