फ्लिपकार्ट ने प्रदर्शन के आधार पर सैकड़ों कर्मचारियों को निकाला

बेंगलुरु – भारत के प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट ने अपने नवीनतम वार्षिक प्रदर्शन समीक्षा चक्र के बाद 400 से 500 कर्मचारियों को सेवामुक्त कर दिया है। वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली कंपनी द्वारा पुष्टि किया गया यह कदम परिचालन दक्षता बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि कंपनी अगले एक साल में संभावित आईपीओ (IPO) की तैयारी कर रही है।
हालांकि कंपनी इन छंटनी को एक नियमित वार्षिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है, लेकिन मामले से परिचित सूत्रों का कहना है कि इस साल इसका पैमाना काफी बड़ा है। आमतौर पर, फ्लिपकार्ट प्रदर्शन के आधार पर अपने कुल कर्मचारियों के 1% से 2% हिस्से की छंटनी करती है; हालाँकि, वर्तमान दौर कुल कार्यबल के लगभग 3% से 4% का प्रतिनिधित्व करता है। इन छंटनी ने इंजीनियरिंग, ऑपरेशंस और मार्केटिंग सहित कई प्रमुख विभागों को प्रभावित किया है।
विकास के बीच पुनर्गठन
कार्यबल में यह कटौती ऐसे समय में हुई है जब फ्लिपकार्ट ब्लिंकिट (Blinkit) और ज़ेप्टो (Zepto) जैसे प्रतिद्वंद्वियों से मुकाबला करने के लिए अपनी नई “फ्लिपकार्ट मिनट्स” (Flipkart Minutes) क्विक कॉमर्स सेवा का तेजी से विस्तार कर रहा है। विस्तार के बावजूद, कंपनी का ध्यान वित्तीय अनुशासन और मुनाफे पर केंद्रित दिखाई दे रहा है।
घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया, “इस साल सामान्य से अधिक संख्या में कर्मचारियों को प्रदर्शन सुधार योजना (PIP) में रखा गया है। वार्षिक समीक्षा में कई लोगों को ‘वन-स्टार’ रेटिंग मिली और उन्हें जाने के लिए कहा गया। इस सख्ती को काफी हद तक आईपीओ से पहले संगठन को सुव्यवस्थित करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।”
छंटनी के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में, फ्लिपकार्ट के प्रवक्ता ने कहा: “फ्लिपकार्ट स्पष्ट रूप से परिभाषित अपेक्षाओं के अनुरूप नियमित प्रदर्शन समीक्षा करता है। इस प्रक्रिया के हिस्से के रूप में, कर्मचारियों का एक छोटा प्रतिशत संगठन से बाहर जा सकता है। हम प्रभावित कर्मचारियों को ट्रांज़िशन सहायता प्रदान कर रहे हैं।”
आईपीओ की राह और वित्तीय स्थिति
कल्याण कृष्णमूर्ति के नेतृत्व वाली यह कंपनी व्यवस्थित रूप से अपने नेतृत्व और कॉर्पोरेट ढांचे को सरल बना रही है। 2024 में, कंपनी ने अपने वरिष्ठ उपाध्यक्षों (SVP) की संख्या 18 से घटाकर एक दर्जन से भी कम कर दी थी। इसके अलावा, फ्लिपकार्ट अपना मुख्यालय सिंगापुर से वापस भारत लाने की प्रक्रिया में है—जो भारतीय सार्वजनिक लिस्टिंग के लिए एक नियामक आवश्यकता है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने हाल ही में इस बदलाव के लिए मंजूरी दी है।
वित्तीय रूप से, फ्लिपकार्ट की मार्केटप्लेस शाखा, फ्लिपकार्ट इंटरनेट ने वित्त वर्ष 2025 में 14% की वार्षिक राजस्व वृद्धि दर्ज की, जो ₹20,493 करोड़ तक पहुँच गई। अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि इसने अपने शुद्ध घाटे को 37% तक कम करने में सफलता पाई, जिससे यह ₹1,494 करोड़ रह गया। हालाँकि, 14% की वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष में देखी गई 21% की वृद्धि से कम है।
उद्योग-व्यापी सुदृढ़ीकरण
भारत में ई-कॉमर्स क्षेत्र ने पिछले 18 महीनों में महत्वपूर्ण उथल-पुथल देखी है। फ्लिपकार्ट की मुख्य प्रतिद्वंद्वी, अमेज़न इंडिया ने भी इस साल की शुरुआत में वैश्विक छंटनी रणनीति के तहत लगभग 800 कर्मचारियों को निकाला था।
लगभग 20,000 लोगों को रोजगार देने वाली फ्लिपकार्ट के लिए, वर्तमान “प्रदर्शन-लिंक्ड” छंटनी एक बड़े रुझान का हिस्सा है। 2023 में कंपनी ने लगभग 1,000 कर्मचारियों को निकाला था, और 2024 की शुरुआत में कार्यबल में 5-7% की और कटौती देखी गई थी। विश्लेषकों का सुझाव है कि “किसी भी कीमत पर विकास” के बजाय “स्थायी लाभप्रदता” की ओर झुकाव इन पुनर्गठन के दौर के पीछे का प्राथमिक कारण है।




