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जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा को लेकर दिए कड़े निर्देश

जिले में आधुनिक पॉटहॉल फिलिंग तकनीक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में होगी होगी लागू

पौड़ी-  जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में शुक्रवार को आयोजित जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने परिवहन विभाग, लोनिवि और पीएमजीएसवाई को निर्देशित किया कि जिले की नयी निर्मित सड़कों का आरटीओ के साथ संयुक्त निरीक्षण कर सड़क सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक सुधारात्मक कदम सुनिश्चित किए जाएं।

जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए विभाग हर माह दस सड़कों का संयुक्त निरीक्षण करें और पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन मार्गों के कार्य पूरे हो चुके हैं, उनकी फोटोग्राफ अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक हॉटमिक्स प्लांट संचालक को एक–एक हजार पौधे रोपने हेतु वन पंचायतों या क्षीण वनों में भूमि चयन करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस और परिवहन विभाग को चालानी कार्रवाई तेज करने को कहा तथा शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर विशेष रूप से सख़्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान आरटीओ विमल पांडे ने पीपीटी द्वारा पॉटहॉल फिलिंग तकनीक की प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि यह तकनीक छोटे और गहरे गड्ढों को बहुत कम समय में आसानी से भरने में सक्षम है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस तकनीक को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अनुमोदन किया गया है।

बैठक में बच्चों में ट्रैफिक नियमों की जानकारी बढ़ाने के लिए पौड़ी में चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क बनाए जाने का भी निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाता है तो गुड समेरिटन कानून द्वारा सहायता दी जाएगी तथा किसी भी प्रकार से परेशान नहीं किया जाएगा।

आरटीओ ने बताया कि जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच परिवहन विभाग द्वारा 4183 और पुलिस विभाग द्वारा 33,991 चालान किए जा चुके हैं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, सीएमओ डॉ. शिव मोहन शुक्ला, एआरटीओ मंगल सिंह, लोनिवि के सर्किल अधिकारी अभय थपलियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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