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21वीं सदी होगी योगसंस्कृति की

21वीं सदी होगी योगसंस्कृति की

हरिद्वार: योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा कि हमारा जीवन योगी जैसा होना चाहिए। 21वीं सदी योगसंस्कृति की सदी है और आगामी काल में यौगिक संस्कृति ही विश्व की संस्कृति बनेगी।

योग गुरु बाबा रामदेव पतंजलि योगपीठ में पांच दिवसीय योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर के शुभारंभ मौके पर साधकों को संबोधित कर रहे थे। योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा कि योग, आयुर्वेद एवं वैदिक संस्कृति हमारा मूल आधार है।

उन्होंने बताया कि 18 से 21 जून तक पतंजलि इस बार का अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह अहमदाबाद में आयोजित करेगी।  इसकी सफलता के लिए संपूर्ण गुजरात के प्रत्येक मोहल्ला, गांव, तहसील स्तर पर पूर्व से ही योग कक्षाएं चलाकर लोगों को योग के प्रति जागरूक किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भविष्य में पतंजलि एक लाख करोड़ की चैरिटी करने का लक्ष्य निर्धारित कर रहा है। भारत आगामी दिनों में आध्यात्मिक, आर्थिक और राजनैतिक महाशक्ति बनने जा रहा हैं। योग-अध्यात्म के माध्यम से ही विश्व में इसका आगाज होगा। शिविर में देशभर के करीब पांच हजार साधक हिस्सा ले रहे हैं।

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